क्या आप विश्वास करते हो कि इस्लाम में छुआछूत है
भारत के बाहर निश्चित तौर पर नस्ल और जाति बन्धन को तोड़ा है इस्लाम ने , मगर वह भारत में अपने उद्देश्य पर सफल नहीं रहा है। यहां डॉ. अम्बेडकर अपने अनुभव उदाहरण के रूप में बता रहे हैं। 👇👇👇 (यहां डॉ. अम्बेडकर दौलताबाद के किले की घटना का विवरण देते हैं, जहां वह अस्पृश्य वर्ग के आंदोलन के साथियों के साथ सन 1934 में गए थे) 💢 सन् 1934 में अस्पृश्य वर्ग के आंदोलन के मेरे कुछ साथियों ने यह इच्छा व्यक्त की कि अगर मैं उनके साथ चलने को सहमत हो जाऊं, तो वे दर्शनीय स्थल देखने जाना चाहेंगे । मैं सहमत हो गया । यह तय हुआ कि हम अपने कार्यक्रम में वेरुल की बौद्ध गुफाओं को हर हाल में सम्मिलित करेंगे । कार्यक्रम यह बना कि मैं नासिक जाऊंगा और बाकी लोग मुझे वहीं मिलेंगे वेरूल जाने के लिए हमें औरंगाबाद पहुंचना था । औरंगाबाद कस्बा हैदराबाद के मुसलमान राज्य में है और निजाम की रियासत का एक भाग है । औरंगाबाद जाते समय हमें एक और कस्बे दौलताबाद से होकर गुजरना पड़ा । यह कस्बा भी हैदराबाद राज्य में आता है दौलताबाद एक ऐतिहासिक स्थान है और कभी यह एक प्रसिद्ध हिंदू...