पानी से सम्बंधित यह घटना जयपुर की है
सम्पूर्ण वाङ्गमय खण्ड - 9 पेज 180 to 181 दिल दहला देने वाली घटना सम्पूर्ण वांग्मय खण्ड - 9 पेज 180 to 181 परिशिष्ट 1. में छपे सभी प्रेस- समाचार इस पुस्तक की मूल अंग्रेजी की पांडुलिपि के अंत में पाए गए हैं। - संपादक अस्पृश्यता के कारण हालात बद से बदतर, 27 जून 1953 के स्टेट्समैन में प्रकाशित जयपुर से एक संवाददाता ने जून 1953 की घटना का समाचार भेजा जो निम्नलिखित है यह घटना 27 जून 1953 के स्टेटमेंट में प्रकाशित जयपुर 25 जून इस राज्य में गिनी वार्म नामक बीमारी फैली हुई है जिसे यहां के लोग नारू अथवा बाल भी कहते हैं इसके कारण रोगी को महीनों कष्ट उठाना पड़ता है। कभी-कभी तो एक-दो वर्ष भी लग जाते हैं। इसके कारण अनेक रोगियों के तो अंग बेकार हो जाते हैं। यह बीमारी पाइन के पानी के माध्यम से फैलती है। रोकथाम के लिए डॉक्टर केवल यही सलाह देते हैं पहले पानी को उबालो, छानों और फिर उसे पियो। यह बीमारी बहुधा उस समय फैलती है जब वर्षा ऋतु प्रारंभ होती है, जो खेतों में बुवाई का मौसम होता है।...
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